आज हम कोरोना वायरस महामारी से लगभग सारे विश्व में उसकी दहशत और इसके संक्रमण से सभी देश परेशान हैं और सारी अर्थव्यवस्था तहस-नहस हो गई है सभी देशों ने लगभग मेडिकल इमरजेंसी लगा दी है अभी इस संक्रमण महामारी से बचाव के लिए अलग-अलग देश अपने-अपने स्तरों पर बहुत प्रयास कर रही इसकी दवाई खोज रहे हैं वैक्सीन उसके लिए बनाई जा रही है लेकिन अभी फिलहाल इसके उपचार हेतु विदेशों में विकसित की गई प्लाज्मा थेरेपी यह एक ऑप्शन विकल्प के रूप में उपचार हेतु देखा जा रहा है
लेकिन यह पूर्ण तरह से यह थेरेपी इस महामारी को संक्रमण को रोकने में सक्षम है या नहीं या नहीं है इसके प्रयोग हेतु कार्य कर रहे हैं
क्या वास्तव में ही प्लाज्मा और प्लाज्मा थेरेपी यहां संक्रमित संक्रमण को महामारी जैसी बीमारी को लड़ने हेतु शरीर में रोग प्रतिकारक शक्ति बढ़ाने कार्य कर सकती है कार्य करने सकती है क्या होता है यह प्लाज्मा थेरेपी आइए जानते हैं
प्लाज्मा एक तरह पीले रंग का तरल पदार्थ है जो रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है जो मनुष्य के आवश्यक विभिन्न तत्वों के साथ पाया जाता है।
यह एक पीले रंग का घटक रक्त में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है जो रक्त में सबसे अधिक लगभग
५५% होता है। रक्त के महत्वपूर्ण घटकों को अलग करने के बाद और उन्हें सुरक्षित करने के प्रयास किया जाता है जिससे रोगियों को जीवन मिलता है इस प्लाज्मा में अशुद्धियां भी बहुत बहुत होती है इन्हें पूरी तरह से हटा दिया जाता है प्लाज्मा को रक्त की प्रत्येक इकाई से अलग किया जाता है और ठंडा करके उपचार में उपयोग किया।
वह प्लाज्मा देने वाला व्यक्ति वह होता है जो वहीवही संक्रमित बीमारी से ग्रसित था और वह आप अच्छा हो गया है उसी व्यक्ति का वह प्लाज्मा निकालकर वह दूसरे व्यक्ति से ग्रसित व्यक्ति को दिया जाता है
जो व्यक्ति प्लाज्मा देता है उसका उसका उस पर कोई दुष्प्रभाव या कमजोरी नहीं होती है यह एक प्रकार कार में रक्तदान जैसे होता है
प्लाज्मा थेरेपी में प्लाज्मा के साथ साथ बरामद रोगियों का भी अदान शामिल है
प्लाज्मा में से गुरुकुल एमिनो एसिड हार्मोन कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन रोगी की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने और एंटीबॉडी का उत्पादन करने के लिए होता है।
Antibodies रोग प्रतिकारक चिकित्सा में उपयोग किया जाता है जो शरीर में वायरस या फिर बैक्टीरिया के खिलाफ उन्हें बनाया जाता है जो बैक्टीरिया से लड़ने का काम उन्हें शरीर से बाहर खदेड़ने का काम यहां प्लाज्मा करती है
संक्रमित व्यक्ति के शरीर में वह प्लाज्मा को डाल दिया जाता है जो जो ग्रसित व्यक्ति के शरीर में रोग प्रतिकारक शक्ति को तेजी से बढ़ाने का कार्य करता है
रोगी के संपर्क में एंटीबॉडीज वायरस को कमजोर करने लगती है और उसके बाद वहां रोगी ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है उसी प्रकार यह प्लाज्मा थेरेपी का कार्य होता है
शरीर में वायरस का संक्रमण या बैक्टीरिया का संक्रमण हो जाने के बाद उसे शरीर से बाहर निकालना जरूरी हो जाता है उसके लिए यह शरीर में एंटीबॉडीज का उत्पन्न होना भी बहुत ही जरूरी होता है या एंटीबॉडीज उत्पन्न होने के लिए हमारे आयुर्वेद शास्त्र में और हमारे भारत आयुष मंत्रालय की ओर से रोग प्रतिकारक शक्ति बढ़ाने के लिए इसी प्रकार का एक गाना पीने के लिए भी कहा गया है
वह कार्य की विधि और साहित्य की जानकारी इसमें दी गई है वह लिंक यहां है क्लिक करके आप देख सकते हो 👉
http://khushiplaza.blogspot.com/2020/04/novel-koruna-virus-se-bachne-hetu-upay.html
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